सुप्रीम कोर्ट के CJI नें सुनाया फैसला, व्यक्ति नें कर दिया फैसले पर CJI के भाई को कॉल जानिए फिर क्या हुआ...

रिपोर्ट UP समाचार न्यूज़ डेस्क / खबर नई दिल्ली..




संक्षेप..

CJI की सख्ती: आदेश पर सवाल उठाने के लिए CJI के भाई को मिला दिया फोन, अवमानना की चेतावनी PG एडमिशन में ‘अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र’ का खेल बेनकाब, सुप्रीम कोर्ट ने बताया नया फ्रॉड...


यूपी समाचार न्यूज़ नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में हरियाणा सरकार से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने गंभीर टिप्पणी करते हुए न्यायपालिका की गरिमा पर सवाल उठाने वालों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने खुलासा किया कि उनके एक आदेश के बाद किसी व्यक्ति ने उनके भाई को फोन कर फैसले पर सवाल उठाया, जिसे उन्होंने अदालत की अवमानना के दायरे में बताया।

चीफ जस्टिस ने हरियाणा सरकार की ओर से पेश वकील को फटकार लगाते हुए कहा कि इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चाहे संबंधित व्यक्ति देश के बाहर ही क्यों न हो, अदालत ऐसे मामलों से निपटना जानती है।

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि न्यायिक आदेशों पर इस तरह का बाहरी दबाव डालने का प्रयास न्याय व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है। कोर्ट ने संकेत दिया कि यदि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति होती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, यह मामला हरियाणा के निखिल और एकता पुनिया से जुड़ा है, जिन्होंने PG मेडिकल एडमिशन में बौद्ध अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र के आधार पर लाभ लेने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को खारिज करते हुए इसे सिस्टम का दुरुपयोग करार दिया।

कोर्ट ने हैरानी जताई कि जाट समुदाय से आने वाले उम्मीदवारों को अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र कैसे जारी किया गया। न्यायालय ने कहा कि यह एक नए तरह का फ्रॉड है, जिससे वास्तविक अल्पसंख्यकों के अधिकार प्रभावित होते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी सूरत में अल्पसंख्यकों के अधिकारों से समझौता नहीं किया जा सकता और ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाया जाएगा।

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