UP समाचार न्यूज़ |रिपोर्ट आकाश सक्सेना | खबर बदायूं यूपी |
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संक्षेप...
बदायूं में आबकारी नीति 2026-27 लागू हो गई है,सभी 336 पुरानी दुकानों का नवीनीकरण से व्यवस्थापन हो गया है, देशी, कंपोजिट व मॉडल शॉप के कोटे में बढ़ोतरी हुई हैं , वहीं डीईओ (जिला आबाकारी अधिकारी )नें जानकारी देते हुए बताया कि
लाइसेंस से संबंधित फीस एवं अन्य देयताओं को जमा करने की अंतिम तिथि 5 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। वहीं नई नीति में देशी पर 5 ₹ एवं अंग्रेजी शराब पर 10 से 30 ₹ तक महंगी हो सकती हैं, वहीं इस नीति में देशी-विदेशी शराब की दुकानों का नवीनीकरण, 71,278 करोड़ का राजस्व लक्ष्य, और ई-लॉटरी प्रणाली जैसे प्रमुख प्रावधान शामिल हैं।
यूपी समाचार न्यूज़ बदायूं। जनपद में वर्ष 2026-27 की नई आबकारी नीति को लेकर विभाग ने आवश्यक कार्रवाई पूरी कर ली है। जिले में संचालित सभी 336 मदिरा एवं भांग की दुकानों का शत-प्रतिशत नवीनीकरण अनुज्ञापियों द्वारा करा लिया गया है। यह जानकारी जिला आबकारी अधिकारी विजय चौहान ने दी।
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उन्होंने बताया कि जिले में देशी मदिरा की 256 दुकानें, कंपोजिट शॉप (एफएल-1 एवं बीयर) की 75 दुकानें, मॉडल शॉप की दो तथा भांग की तीन दुकानें संचालित हैं। नई नीति के तहत सभी दुकानों का समय से नवीनीकरण कर लिया गया है। लाइसेंस से संबंधित फीस एवं अन्य देयताओं को जमा करने की अंतिम तिथि 5 मार्च 2026 निर्धारित की गई है।
कोटे में की गई वृद्धि....
नई नीति के तहत विभिन्न श्रेणियों की दुकानों के कोटे में वृद्धि की गई है। देशी मदिरा की दुकानों में नगर पालिका क्षेत्र में संचालित दुकानों पर पांच प्रतिशत, नगर पंचायत क्षेत्र में छह प्रतिशत तथा ग्रामीण क्षेत्रों की दुकानों पर आठ प्रतिशत तक कोटे में वृद्धि की गई है।
वहीं कंपोजिट शॉप एवं मॉडल शॉप के कोटे में गत वर्ष की तुलना में 7.5 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। भांग की दुकानों में 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
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नई दुकानों के लिए नहीं हुई ई-लॉटरी...
जिला आबकारी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि फिलहाल जिले में किसी भी नई दुकान के लिए ई-लॉटरी के माध्यम से आवंटन नहीं किया गया है। केवल पूर्व संचालित दुकानों का नवीनीकरण एवं व्यवस्थापन किया गया है। यदि भविष्य में नई मदिरा दुकान सृजित की जाती है तो उसका आवंटन ई-लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा।
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नवीनीकरण से प्राप्त हुआ शुल्क....
विभाग को नवीनीकरण शुल्क के रूप में देशी मदिरा की 256 दुकानों से 1 करोड़ 27 लाख रुपये प्राप्त हुए हैं। कंपोजिट शॉप की 75 दुकानों से 51 लाख 90 हजार रुपये, मॉडल शॉप की दो दुकानों से 1 लाख 90 हजार रुपये तथा भांग की तीन दुकानों से 19 हजार रुपये जमा हुए हैं।
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लाइसेंस फीस से करोड़ों की आय...
लाइसेंस फीस के रूप में विभाग को देशी मदिरा की दुकानों से 38 करोड़ 4 लाख 93 हजार रुपये प्राप्त हुए हैं। कंपोजिट शॉप से 13 करोड़ 61 लाख 75 हजार रुपये, मॉडल शॉप से 1 करोड़ 73 लाख 65 हजार रुपये तथा भांग की दुकानों से 89 हजार रुपये जमा हुए हैं।
प्रोसेसिंग फीस भी हुई जमा.... |
प्रोसेसिंग फीस के रूप में देशी मदिरा दुकानों से 1 करोड़ 7 लाख 5 हजार रुपये, कंपोजिट शॉप से 46 लाख 95 हजार रुपये, मॉडल शॉप से 1 लाख 60 हजार रुपये तथा भांग की दुकानों से 75 हजार रुपये विभाग में जमा कराए गए हैं।
आबकारी विभाग के अनुसार नई नीति के तहत राजस्व वृद्धि के साथ पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सभी औपचारिकताएं समयबद्ध तरीके से पूर्ण कर ली गई हैं और निर्धारित तिथि तक शेष देयताओं के जमा होने की उम्मीद है।
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आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होने वाली नई आबकारी नीति 2026-27 को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत देसी शराब की कीमतें ₹5 और अंग्रेजी शराब ₹10-₹30 तक महंगी हो सकती हैं। इस नीति में देशी-विदेशी शराब की दुकानों का नवीनीकरण, 71,278 करोड़ का राजस्व लक्ष्य, और ई-लॉटरी प्रणाली जैसे प्रमुख प्रावधान शामिल हैं।
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