लखनऊ समाचार : “KGMU विवाद : FIR न होने पर OPD बंद का अल्टीमेटम — महिला आयोग उपाध्यक्ष और प्रशासन आमने सामने की स्थिति में ”

UP समाचार न्यूज /रिपोर्ट संजय निगम एवं आकाश सक्सेना /खबर लखनऊ यूपी...



संक्षेप..

KGMU विवाद में महिला आयोग की उपाध्याय अपर्णा यादव पर FIR न होने पर डॉक्टरों नें OPD बंद का दिया अल्टीमेटम, महिला आयोग उपाध्यक्ष और प्रशासन आमने सामने की स्थिति में हैं वहीं अगर 72 घंटे में FIR न होने पर डॉक्टर संघ ने चेतावनी दी है कि जिससे केजीएमयू में तनाव बढ़ गया हैं और, जहां एक और प्रशासन पर दबाव बन रहा है समिति का कहना है कि जो भी उपद्रवकारी KGMU प्रशासनिक भवन में घुसे और अधिकारियों के साथ अभद्रता की उस पर कानूनी कार्रवाई होना चाहिए...


यूपी समाचार न्यूज लखनऊ। स्थित प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में शुक्रवार को महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के नेतृत्व वाले जत्थे के साथ हुए हंगामे व तोड़फोड़ का मामला अब तूल पकड़ चुका है। आरोप है कि महिला आयोग की उपाध्यक्ष की कार्यप्रणाली ने न केवल विश्वविद्यालय की व्यवस्था को चुनौती दी, बल्कि सरकार की छवि को भी धूमिल कर दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले की शिकायत चौक थाना में दर्ज कराई थी, लेकिन 72 घंटे बाद भी FIR न होने से स्थिति और बिगड़ गई है। 


“अब 24 घंटे में FIR या OPD बंद” — संयुक्त समिति का कड़ा अल्टीमेटम...

KGMU में डॉक्टरों, रेजिडेंट्स, नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों की संयुक्त समिति ने पुलिस और प्रशासन को सख्त अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि अगले 24 घंटे में FIR दर्ज नहीं की जाती, तो 13 जनवरी से इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर OPD सेवाएं बंद रखी जाएंगी। समिति का कहना है कि जो भी उपद्रवकारी KGMU प्रशासनिक भवन में घुसे और अधिकारियों के साथ अभद्रता की — उस पर कानूनी कार्रवाई होना चाहिए। 


अपर्णा यादव के समर्थकों पर कथित उपद्रव और आरोप-प्रत्यारोप...

समिति के बयान के अनुसार, अपर्णा यादव के साथ आए 100-150 समर्थकों ने कुलपति, प्रो-कुलपति, विशाखा समिति अध्यक्ष व प्रॉक्टोरियल बोर्ड के अधिकारियों के साथ अभद्रता की। साथ ही विश्वविद्यालय की छवि को नुकसान पहुँचाने वाले गलत तथ्यों पर प्रेस कॉन्फ़रेंस करने का आरोप लगाया गया है। विद्यालय समुदाय में सुरक्षा और माहौल को लेकर गंभीर चिंता व्याप्त हो गई है। 


पुलिस की देरी से रोष, आगे की रणनीति पर 13 जनवरी को बैठक...

समिति का कहना है कि पुलिस की तरफ़ से FIR दर्ज करने में दिख रही देरी से कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी कारण से KGMU के सभी संगठन 13 जनवरी को दोपहर निर्णायक बैठक में आगे की रणनीति तय करेंगे। वहीं प्रशासन और पुलिस की जांच जारी है लेकिन अब तक विस्तृत कार्रवाई का कोई औपचारिक संकेत नहीं मिला है। 


क्या है पूरा मामला...

लखनऊ की मशहूर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े मामले में विश्वविद्यालय की विशाखा कमेटी ने आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. रमीज़ को दोषी करार दिया है. कमेटी ने अपनी जांच में पाया कि आरोपी ने शादी की बात छुपाई,पीड़िता का मानसिक उत्पीड़न किया और यौन उत्पीड़न अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन किया। जहां पीड़िता पश्चिम बंगाल की रहने वाली है और KGMU से एमडी पैथोलॉजी कर रही है. उसके परिवार ने मुख्यमंत्री पोर्टल और महिला आयोग में भी शिकायत दर्ज कराई थी.  जिसके बाद महिला आयोग यूपी की उपाध्याक्ष अपर्णा यादव KGMU पीड़िता को न्याय दिलाने पहुंची प्रेस कॉन्फ्रेंस की लेकिन वहां KGMU प्रशासन और महिला आयोग की सदस्य दोनो अब एक दूसरे के आमने सामने खडे हैं।


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