UP समाचार न्यूज /रिपोर्ट संजय निगम एवं आकाश सक्सेना / खबर कानपुर यूपी..
संक्षेप...
कानपुर में 14 वर्षीय नाबालिग से स्कॉर्पियो में हुआ गैंगरेप, पत्रकार गिरफ्तार, दरोगा फरार लापरवाही में DCP हटे, इंस्पेक्टर निलंबित, वहीं पीड़िता द्वारा दरोगा का शिकायत पत्र में नाम लिखकर देने पर चौकी से भगाई गई पीड़िता, लापरवाही में DCP को हटा दिया गया है और इंस्पेक्टर निलंबित कर दिए गए हैं...
यूपी समाचार न्यूज कानपुर। शहर में कानून व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ स्कॉर्पियो कार में सामूहिक दुष्कर्म किए जाने की घटना ने पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि इस जघन्य अपराध में एक स्थानीय पत्रकार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश पुलिस का एक दरोगा भी शामिल है। पुलिस ने जहां पत्रकार शिवबरन को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं आरोपी दरोगा अमित मौर्या घटना के बाद से फरार चल रहा है।
पीड़िता के अनुसार, घटना के बाद जब वह परिजनों के साथ पुलिस चौकी पहुंची और दिए गए ऑनलाइन आवेदन में दरोगा अमित मौर्या का नाम दर्ज किया, तो चौकी से उसे भगा दिया गया। आरोप है कि पीड़िता की नाबालिग होने के बावजूद पुलिस ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई और काफी दबाव के बाद जैसे-तैसे एफआईआर दर्ज की गई। इतना ही नहीं, प्रारंभिक एफआईआर में पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी शामिल नहीं की गईं, जिससे पुलिस की गंभीर लापरवाही उजागर हुई।
मामले के तूल पकड़ने और उच्च अधिकारियों तक शिकायत पहुंचने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने पर डीसीपी दिनेश चंद्र त्रिपाठी को उनके पद से हटा दिया गया, जबकि मामले से जुड़े इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को निलंबित कर दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जांच अपने स्तर से शुरू कर दी है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि जिस स्कॉर्पियो गाड़ी में नाबालिग के साथ गैंगरेप हुआ, वह फरार दरोगा अमित मौर्या की बताई जा रही है। पुलिस की कई टीमें दरोगा की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का दावा है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उसके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। वहीं, स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में घटना को लेकर आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई की होती तो मामले में इतनी देरी न होती। पुलिस प्रशासन का कहना है कि अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के कठघरे में खड़ा किया जाएगा।
