UP समाचार न्यूज /रिपोर्ट संजय निगम एवं आकाश सक्सेना /खबर लखनऊ यूपी..
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| लखनऊ : मिशन कर्मयोगी के तहत प्रदेश में हुई प्रगति एवंआगामी कार्ययोजना की गहन समीक्षा करते सी एम योगी एवं मौजूद अधिकारी.. |
संक्षेप...
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार शाम आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत उत्तर प्रदेश में अब तक हुई प्रगति और आगामी कार्ययोजना की गहन समीक्षा की।फील्ड कर्मचारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, प्रमोशन से जुड़ेगा कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम,मिशन कर्मयोगी से संवरेगा प्रशासनिक तंत्र, यूपी बना देश में अग्रणी: सीएम योगी...
यूपी समाचार न्यूज लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार शाम आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत उत्तर प्रदेश में अब तक हुई प्रगति और आगामी कार्ययोजना की गहन समीक्षा की। बैठक में मिशन के क्रियान्वयन, प्रशिक्षण ढांचे, डिजिटल प्लेटफॉर्म की वर्तमान स्थिति और विभिन्न विभागों में क्षमता संवर्धन से जुड़े बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन कर्मयोगी शासन व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, उत्तरदायी और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक निर्णायक पहल है।
बैठक में कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस. राधा चौहान ने उत्तर प्रदेश में मिशन के क्रियान्वयन की स्थिति को लेकर विस्तृत प्रस्तुति दी और आगे की कार्ययोजना से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन कर्मयोगी प्रधानमंत्री की परिवर्तनकारी पहल है, जिसका उद्देश्य वैश्विक दृष्टिकोण के साथ भारतीय संस्कृति और लोकाचार में निहित मूल्यों को आत्मसात करते हुए सक्षम मानव संसाधन तैयार करना है। यही मानव संसाधन प्रदेश और देश के विकास की प्रेरक शक्ति बनेंगे।
मुख्यमंत्री ने एएनएम, आशा, पुलिस कांस्टेबल, पंचायत और शहरी निकायों से जुड़े फील्ड स्तर के कर्मचारियों को व्यावहारिक व कार्यात्मक प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मियों की क्षमता वृद्धि से ही सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और जनसेवा की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सकती है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार यूपी एकेडमी ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट (UPAAM) को राज्य के सभी विभागों के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग प्लान तैयार करने की नोडल संस्था बनाया गया है। विभाग-विशेष लर्निंग पैकेज विकसित कर इन्हें मिशन कर्मयोगी के आईगॉट पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे कर्मचारियों को आधुनिक, लक्ष्य-आधारित और सतत प्रशिक्षण मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आईगॉट कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। प्रदेश से अब तक 18.8 लाख से अधिक कार्मिक प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड हो चुके हैं, जो वर्ष 2025 में देश भर में हुई कुल ऑनबोर्डिंग का 93 प्रतिशत है। वहीं, 10 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं ने कम से कम एक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया है। अब तक 72 लाख से अधिक पाठ्यक्रम पूर्ण किए जा चुके हैं, जो देश भर में हुई कुल पाठ्यक्रम पूर्णताओं का 99 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ने इसे सुशासन, दक्ष प्रशासन और नागरिक-केंद्रित सेवा प्रणाली की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सात-दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम अनिवार्य किया जाए और इसे प्रमोशन तथा वार्षिक गोपनीय आख्या (ACR) से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि UPAAM सहित प्रदेश में संचालित सभी प्रशिक्षण केंद्र समय की मांग के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करें, ताकि नव-प्रशिक्षणार्थियों की कार्यदक्षता प्रशिक्षण के दौरान ही सुदृढ़ हो सके। साथ ही सभी विभागों और सरकारी संस्थाओं के पाठ्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सिक्योरिटी को अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश दिए।
बैठक में सड़क, सिंचाई, भवन, पुल और संचार जैसे क्षेत्रों से जुड़े इंजीनियरों के लिए विशेष प्रशिक्षण पैकेज तैयार करने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग, नगर विकास, पुलिस प्रशासन, ग्रामीण विकास और पंचायती राज जैसे फील्ड-इंटेंसिव विभागों में क्षमता निर्माण को संस्थागत रूप देने की आवश्यकता बताई, ताकि विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा सके।
