बदायूं समाचार : शहर में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ नौकरी का झांसा देकर 4.50 लाख की साइबर ठगी, 5 गिरफ्तार भेजा जेल..

UP समाचार न्यूज /रिपोर्ट आकाश सक्सेना /खबर बदायूं यूपी..

बदायूं शहर के नई सराय इलाके में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करने के बाद गिरफ्तार हुए ठग जानकारी देते पुलिस अधीक्षक नगर विजयन्द्र द्विवेदी।  फोटो स्त्रोत: बदायूं पुलिस...

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संक्षेप..

वर्क इंडिया साइट के नाम पर करते थे ठगी, बदायूं साइबर क्राइम पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पुलिस टीम नें बदायूं के नई सराय इलाका थाना कोतवाली क्षेत्र से किया फर्जी कॉल सेंटर वाले लोगों को गिरफ्तार कर इन ठगों को अब न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया है...

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यूपी समाचार न्यूज बदायूं। जनपद बदायूं में साइबर क्राइम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी कॉल सेंटर चलाकर बैंक व फाइनेंस कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर आम लोगों से रुपये ट्रांसफर कराकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से तीन महिलाओं व एक पुरुष समेत कुल पांच शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से लैपटॉप, प्रिंटर, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, फर्जी स्टांप व अन्य सामग्री बरामद की गई है।

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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार सिंह के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक नगर विजयेन्द्र द्विवेदी के पर्यवेक्षण में थाना साइबर क्राइम की टीम ने यह कार्रवाई की। थाना प्रभारी साइबर क्राइम विनोद कुमार वर्धन के नेतृत्व में साइबर अपराध व ऑनलाइन धोखाधड़ी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह सफलता मिली।

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पुलिस के अनुसार थाना साइबर क्राइम पर पंजीकृत मुकदमा  संख्या 12/2025, धारा 318(4) बीएनएस व 66डी आईटी एक्ट के तहत विवेचना के दौरान एक संदिग्ध मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रेस की गई। उक्त नंबर से पूर्व में पांच साइबर फ्रॉड की शिकायतें दर्ज थीं। लोकेशन मौहल्ला नई सराय, थाना कोतवाली बदायूं की पाई गई। टीम जब मौके पर पहुंची तो एक मकान में छोटा सा ऑफिस संचालित मिला, जहां साइबर अपराध से जुड़ी गतिविधियां की जा रही थीं।

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पुलिस ने मौके से चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया, जबकि पूछताछ के आधार पर एक अन्य महिला को भी बाद में दबोचा गया। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे ‘वर्क इंडिया’ वेबसाइट के माध्यम से विभिन्न राज्यों—बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्यप्रदेश व उत्तर प्रदेश—के भोले-भाले लोगों को बैंक व फाइनेंस कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे। रजिस्ट्रेशन व प्रोसेसिंग फीस के नाम पर उनसे रुपये ट्रांसफर कराए जाते थे। अब तक करीब 4.50 लाख रुपये की ठगी किए जाने की बात सामने आई है, जिनसे संबंधित 10 एनसीआरपी शिकायतें दर्ज हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों में विवेक, आकांक्षा पटेल, अंशू पटेल, ईशा साहू और मीनाक्षी शामिल हैं, जो फर्जी नामों से कॉल कर लोगों को झांसे में लेते थे। पुलिस ने सभी अभियुक्तों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।

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बरामदगी:

पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से एक लैपटॉप, प्रिंटर, माउस, चार्जर, सात स्मार्ट फोन, चार कीपैड मोबाइल, सात मोबाइल चार्जर, 23 सिम कार्ड, एचडीएफसी बैंक मुंबई की फर्जी स्टांप मोहर, हाजिरी रजिस्टर, कॉपियां व किरायानामे की फोटोकॉपी बरामद की है।


पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य संभावित लिंक व खातों की जांच की जा रही है। साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नौकरी के नाम पर मांगी जाने वाली फीस व ऑनलाइन ट्रांसफर से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

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