UP समाचार न्यूज /रिपोर्ट आर के रंजन एवं आकाश सक्सेना /खबर नई दिल्ली..
संक्षेप...
प्रधानमंत्री कार्यालय का बदलेगा पता, सेवा तीर्थ परिसर में शिफ्टिंग की तैयारी पूरी..साउथ ब्लॉक से रायसीना हिल के नीचे हाईटेक ‘सेवा तीर्थ’ में जाएगा पीएमओ...
यूपी समाचार न्यूज नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय का पता अब बहुत जल्द बदलने वाला है। केंद्र सरकार के शीर्ष प्रशासनिक ढांचे से जुड़ा यह बड़ा बदलाव राजधानी दिल्ली के सत्ता केंद्र में एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा। रायसीना हिल के नीचे, विजय चौक के निकट बनाए गए अत्याधुनिक सेवा तीर्थ परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को स्थानांतरित करने की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। सूत्रों के अनुसार, इसी माह शिफ्टिंग की प्रक्रिया पूरी हो सकती है।
विश्वसनीय सूत्रों और विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक, प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय—तीनों को एकीकृत रूप से सेवा तीर्थ परिसर में स्थापित किया गया है। यह परिसर तीन हाईटेक इमारतों से मिलकर बना है, जिन्हें सेवा तीर्थ-1, सेवा तीर्थ-2 और सेवा तीर्थ-3 नाम दिया गया है। आधुनिक सुरक्षा मानकों, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर इन इमारतों का निर्माण किया गया है।
बताया जा रहा है कि सेवा तीर्थ-1 में प्रधानमंत्री कार्यालय स्थापित होगा, जहां से देश के शीर्ष प्रशासनिक और नीतिगत निर्णयों का संचालन किया जाएगा। सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय पहले ही स्थानांतरित हो चुका है और वहां से कार्य शुरू भी हो गया है। वहीं, सेवा तीर्थ-3 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय होगा, जहां राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का कार्यालय रहेगा।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 जनवरी के बाद साउथ ब्लॉक स्थित अपने मौजूदा कार्यालय से नए सेवा तीर्थ परिसर में स्थानांतरित हो सकते हैं। साउथ ब्लॉक लंबे समय से देश के प्रशासनिक इतिहास का अहम केंद्र रहा है, लेकिन बढ़ती प्रशासनिक आवश्यकताओं और सुरक्षा मानकों के अनुरूप अब नए परिसर को तैयार किया गया है।
सेवा तीर्थ परिसर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय हो सके। यहां अत्याधुनिक संचार प्रणाली, स्मार्ट ऑफिस सुविधाएं, ऊर्जा दक्षता और उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि इससे निर्णय प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इसे केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली को और अधिक आधुनिक, सुरक्षित व प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। राजधानी के सत्ता गलियारों में यह बदलाव आने वाले समय में प्रशासनिक संस्कृति और कामकाज के तरीके को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।
