बदायूं में उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की पहचान को लेकर 34 डॉक्टरों को दिया प्रशिक्षण,मातृ-शिशु मृत्यु दर घटाने के लिए ब्लॉक स्तर पर HRP जांच पर जोर, गंभीर मामलों को हायर सेंटर रेफर..

UP समाचार न्यूज़ / रिपोर्ट आकाश सक्सेना बदायूं।


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यूपी समाचार न्यूज़ बदायूं। जनपद में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से उच्च जोखिम गर्भवती (HRP) महिलाओं की समय-समय पर जांच सुनिश्चित की जा रही है। इसके तहत प्रत्येक ब्लॉक स्तरीय अस्पताल में चिन्हित महिलाओं की नियमित निगरानी और स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।


गुरुवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के सभागार में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के ब्लॉक एवं नगरीय क्षेत्रों से आए 34 चिकित्सकों एवं मेडिकल ऑफिसरों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन आरसीएच (RCH) के नोडल अधिकारी डॉ. राजवीर सिंह ने किया।


कार्यक्रम में बताया गया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक माह की1, 9, 16 और 24 तारीख को उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की विशेष जांच की जाती है। इन महिलाओं की पहचान एएनएम द्वारा की जाती है, जिसके बाद ब्लॉक एवं जिला स्तरिय चिकित्सायों पर उनकी जांच कराई जाती है।


विशेषज्ञों ने बताया कि जिन गर्भवती महिलाओं में खून की कमी, उच्च रक्तचाप, दौरे की समस्या, मधुमेह, 145 सेंटीमीटर से कम कद, 35 किलोग्राम से कम वजन या 18 वर्ष से कम एवं 35 वर्ष से अधिक आयु जैसी जटिलताएं पाई जाती हैं, उन्हें उच्च जोखिम श्रेणी में रखा जाता है। गंभीर स्थिति होने पर ऐसी महिलाओं को तुरंत हायर सेंटर रेफर किया जाता है।


प्रशिक्षण कार्यक्रम में इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ मैनेजमेंट रिसर्च (IIHMR) के प्रतिनिधि शिवम सोनी ने भी सहयोग प्रदान किया। अधिकारियों ने सभी चिकित्सकों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान कर उन्हें बेहतर उपचार उपलब्ध कराएं, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाई जा सके।

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