बदायूं समाचार : महिला अस्पताल में प्रसूता-नवजात मौत मामला: CMS को कड़ी चेतावनी दो गार्ड हटाए गए, एक कर्मचारी पर निलंबन की संस्तुति

UP समाचार न्यूज /रिपोर्ट आकाश सक्सेना /खबर बदायूं यूपी...




संक्षेप..

बीते 22 दिसम्बर को महिला अस्पताल के 100शेया भवन क़ी गैलरी में प्रसूता-नवजात क़ी मौत मामले में CMS को कड़ी चेतावनी दो गार्ड हटाए गए, एक कर्मचारी माली पर निलंबन की संस्तुति, सीसीटीवी में उजागर हुई लापरवाही, वहींउस रात ड्यूटी पर तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ महिला डॉक्टर की भूमिका पर उठे सवाल..


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यूपी समाचार न्यूज बदायूं। जिला महिला अस्पताल में 22 दिसंबर की रात घटी अमानवीय घटना की जांच पूरी हो गई है। जांच में अस्पताल प्रबंधन और तैनात कर्मियों की गंभीर लापरवाही सामने आई है। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर दो आउटसोर्सिंग गार्डों को सेवा से हटा दिया गया है, जबकि एक कर्मचारी माली के निलंबन की संस्तुति की गई है। वहीं, अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए हैं।

गैलरी में तड़पती रही प्रसूता, नवजात की मौत

गांव सिरसोली निवासी सविता पत्नी सूरज को प्रसव पीड़ा होने पर 22 दिसंबर की रात आशा कार्यकर्ता द्वारा जिला महिला अस्पताल लाया गया था। आरोप है कि अस्पताल के 100 शैय्या भवन की गैलरी में प्रसूता जमीन पर पड़ी प्रसव पीड़ा से कराहती रही। उसने बार-बार डॉक्टर को बुलाने की गुहार लगाई, लेकिन काफी देर तक कोई भी चिकित्सक या कर्मचारी मदद के लिए नहीं पहुंचा। इसी दौरान गैलरी में ही प्रसूता ने मृत नवजात को जन्म दिया।

वीडियो वायरल होने पर गठित हुई जांच समिति

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिलाधिकारी अवनीश राय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच समिति गठित की। समिति में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ), अपर जिलाधिकारी (एडीएम) और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को शामिल किया गया। समिति ने सीसीटीवी फुटेज सहित सभी पहलुओं की बिंदुवार जांच की।

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सीसीटीवी फुटेज में उजागर हुई लापरवाही

जांच में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर यह तथ्य सामने आया कि गैलरी में स्ट्रेचर और व्हीलचेयर उपलब्ध होने के बावजूद तैनात गार्ड ने प्रसूता को प्रथम तल स्थित लेबर रूम तक पहुंचाने की कोई कोशिश नहीं की। इसी दौरान वहां मौजूद एक नियमित कर्मचारी माली भी बिना किसी ड्यूटी के मुख्य द्वार पर बैठा रहा, लेकिन उसने भी प्रसूता को सहायता पहुंचाने का प्रयास नहीं किया। जांच टीम ने गैलरी से प्रसव कक्ष तक पहुंचने में लगने वाले समय की रियल टाइम जांच भी की।

तीन कर्मी दोषी, सीएमएस को चेतावनी

जांच रिपोर्ट में आउटसोर्सिंग के दो गार्ड राजपाल और बहुरन को दोषी मानते हुए तत्काल सेवा से हटाने की कार्रवाई की गई है। वहीं, माली के खिलाफ निलंबन की संस्तुति करते हुए सीएमएस को पत्र भेजा गया है। इसके साथ ही सीएमएस शोभा अग्रवाल को कड़ी चेतावनी जारी की गई है। उन्हें स्पष्ट कहा गया है कि यदि अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर पर सवाल

पूरे मामले में उस रात ड्यूटी पर तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। आरोप है कि न तो डॉक्टर गैलरी में प्रसूता को देखने आईं और न ही बाद में प्रसव कक्ष के पास पहुंचने पर उन्होंने प्रसूता का परीक्षण किया। सीसीटीवी फुटेज में भी डॉक्टर की मौजूदगी नहीं दिख रही है। हालांकि, डॉक्टर के बयान दर्ज होने की बात कही जा रही है, लेकिन जांच रिपोर्ट में उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि डॉक्टर को बचाने का प्रयास किया गया।

जांच अधिकारी का बयान

इस संबंध में जांच अधिकारी एवं सीडीओ ने बताया कि महिला अस्पताल में 22 दिसंबर की घटना की जांच पूरी हो चुकी है। जांच में तीन कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और सीएमएस को कड़ी चेतावनी दी गई है। उन्होंने कहा कि सुधार न होने की स्थिति में आगे और सख्त कदम उठाए जाएंगे।








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